मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए इस बार का भाईदूज त्योहार खुशियों की सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया है कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत अब बहनों को 250 रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। यानी अब से हर बहन के खाते में पूरे 1500 रुपये जमा होंगे।
यह घोषणा राज्य की करीब 1.27 करोड़ महिलाओं के लिए किसी त्योहारी उपहार से कम नहीं है। दरअसल, मुख्यमंत्री ने पहले ही अगस्त में राशि 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने का वादा किया था — और अब भाईदूज के मौके पर यह वादा पूरा हो गया है।
दीपावली के ठीक पहले, 12 अक्टूबर को श्योपुर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने योजना की 29वीं किस्त जारी की। एक सिंगल क्लिक से उन्होंने 1.26 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों के खातों में 1541 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा — “हमारी सरकार लाड़ली बहनों के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भाईदूज के पावन अवसर पर यह 250 रुपये का शगुन भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करने का प्रतीक है। अब अगली किस्त से हर बहन के खाते में पूरे 1500 रुपये जमा होंगे।”
इस निर्णय से राज्य सरकार पर हर महीने करीब 318 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन सरकार का मानना है कि यह खर्च महिलाओं की आर्थिक आज़ादी और आत्मनिर्भरता में निवेश है।
5 मार्च 2023 को शुरू हुई लाड़ली बहना योजना आज प्रदेश की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला चुकी है। 21 से 60 वर्ष तक की पात्र महिलाओं को हर महीने 10 से 12 तारीख के बीच राशि मिलती है। रक्षाबंधन पर भी सरकार ने 250 रुपये का “शगुन बोनस” दिया था, और अब भाईदूज पर एक और तोहफा मिल रहा है।
लाड़ली बहना योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति बन चुकी है — जो महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और निर्णायक भूमिका में लाने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार की सबसे सफल पहल मानी जा रही है।

