कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है, जहां बोत्सवाना से 9 चीते लाए गए हैं। इनमें 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने औपचारिक रूप से तीन चीतों को बाड़े में छोड़ा। सभी चीतों को फिलहाल क्वारंटाइन बाड़े में रखा गया है, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उनकी सेहत और व्यवहार का ऑब्जर्वेशन किया जाएगा। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे और इसे वन्यजीव संरक्षण के लिए ऐतिहासिक पल बताया गया।
वहीं दूसरी ओर, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 700 किलोमीटर का सफर तय कर एक 3.5 वर्ष की बाघिन मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व पहुंच चुकी है। सॉफ्ट रिलीजिंग का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बाघिन को नए वातावरण में सावधानीपूर्वक छोड़ा गया। अब बांधवगढ़ के बाघों की दहाड़ मुकुंदरा की वादियों में गूंजेगी।
अंतरराज्यीय टाइगर ट्रांसलोकेशन कार्यक्रम के तहत यह बांधवगढ़ की दूसरी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे पहले वर्ष 2016 में पहली बार बाघ और बाघिन को ओडिशा के सतकोशिया भेजा गया था। वन विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से न केवल बाघों की संख्या संतुलित होगी, बल्कि नए क्षेत्रों में भी वन्यजीव पर्यटन और संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

