उज्जैन। उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारियां और चर्चाएं तेज हो गई हैं। शैव शंभू सन्यासी मंडल ने सिंहस्थ क्षेत्र में आश्रमों पर नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और स्थायी निर्माण, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की।
हाल ही में नगर निगम प्रशासन द्वारा सिंहस्थ क्षेत्र में बने कुछ आश्रम और मठों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई थी, जिसके विरोध में दत्त अखाड़ा परिसर में संतों की बैठक आयोजित हुई। इसके बाद संतों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर रौशन कुमार सिंह से मिला और मांग रखी कि पूर्व से निर्मित आश्रमों को न तोड़ा जाए तथा उज्जैन में बने सभी आश्रम-मठों को विधिवत अनुमति देकर उनके नक्शे पास किए जाएं।
संतों ने यह भी कहा कि ग्रीष्म ऋतु और मेला आयोजन में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, ऐसे में स्थानीय आश्रमों में ट्यूबवेल खनन, पेयजल व्यवस्था, सड़क, शौचालय और आवश्यक पक्के निर्माण के कार्य जल्द पूरे किए जाएं। शासन स्तर से मेला मद में राशि स्वीकृत कर अखाड़ों और आश्रमों के विकास कार्य समय पर पूरे कराने की मांग भी रखी गई।
इसके साथ ही बड़नगर रोड के मुख्य प्रवेश मार्ग पर सिंहस्थ मद से एक भव्य प्रवेश द्वार बनाने और उसका नाम भगवान शंकराचार्य के नाम पर रखने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई। संतों का कहना है कि सिंहस्थ 2028 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन और संत समाज के बीच समन्वय बेहद जरूरी है।

