इंदौर। इंदौर के सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में स्थित आशा कन्फेक्शनरी कंपनी के बाहर शनिवार को उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई जब सैकड़ों मजदूर वेतन वृद्धि, बोनस और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर फैक्ट्री गेट के बाहर उतर आए। कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और आरोप लगाया कि कंपनी लगातार मुनाफा कमा रही है, लेकिन मजदूरों को उनका हक नहीं दिया जा रहा।
प्रदर्शन कर रहे वर्करों का कहना है कि उन्होंने कई बार वेतन बढ़ाने और बोनस देने की मांग रखी, लेकिन हर बार प्रबंधन ने उनकी बात को टाल दिया। मजदूरों का आरोप है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच उनकी सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही, जिससे उनका घर चलाना मुश्किल हो गया है।
वर्करों ने कंपनी मालिक दीपक दरियानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह ओमेक्स सिटी में करोड़ों रुपये का आलीशान बंगला बनवा रहे हैं, लेकिन सालों से मेहनत करने वाले मजदूरों की सैलरी बढ़ाने को तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि जब भी वे अपने हक की बात करते हैं तो उन्हें नौकरी से निकालने तक की धमकी दी जाती है।
हंगामे के दौरान हालात तब और बिगड़ गए जब बहस के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक गुस्साए कर्मचारियों ने कंपनी मालिक दीपक दरियानी के बेटे संस्कार दरियानी की पिटाई भी कर दी, हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दूसरी ओर कंपनी मालिक दीपक दरियानी ने कर्मचारियों पर ही तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग जबरन फैक्ट्री में घुस आए और माहौल खराब करने की कोशिश की, साथ ही यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से कर्मचारियों को भड़काया जा रहा है।
हंगामे के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी बाणगंगा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। मजदूरों ने साफ कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे लेबर कोर्ट तक जाएंगे और अपना आंदोलन और तेज करेंगे। औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है तो मजदूर आज भी अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को क्यों मजबूर हैं।

