सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम प्रसंग के विवाद में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए प्रेमिका सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला बरगवां थाना क्षेत्र के ग्राम पोखरा का है। पुलिस के मुताबिक 27 और 28 फरवरी 2026 की दरम्यानी रात आजादपुर निवासी संदीप यादव को उसकी प्रेमिका पूजा पनिका ने अपने घर बुलाया था। वहां पहले से मौजूद पूजा के परिवार के लोगों ने मिलकर युवक को पकड़ लिया। आरोप है कि उसे पहले बिजली के तार से करंट लगाया गया और फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया।
इतना ही नहीं, गुस्से में आकर आरोपी ने कुल्हाड़ी से युवक का बायां पैर भी काट दिया। ज्यादा खून बहने के कारण संदीप बेहोश हो गया। आरोपियों ने उसे मृत समझकर गांव के बाहर परमानंद बैस के अरहर के खेत में फेंक दिया और उसके कपड़े भी जला दिए, ताकि मामला किसी हादसे जैसा लगे।
अगली सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने खेत में युवक को बेहोशी की हालत में पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल बैढ़न भेजा गया। हालत गंभीर होने के कारण उसे जबलपुर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल और आसपास के इलाकों से सबूत जुटाए गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने घर में पड़े खून के निशानों को मिटाने के लिए गोबर से पुताई कर दी थी, लेकिन वैज्ञानिक जांच में खून के निशान मिल गए।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि संदीप यादव और पूजा पनिका के बीच कई महीनों से प्रेम संबंध था। इसी बीच पूजा का विवाह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा में तय हो गया था। इस बात से नाराज संदीप लगातार पूजा पर उससे शादी करने का दबाव बना रहा था।
इससे परेशान होकर पूजा ने पूरी बात अपनी मां मुन्नी देवी, भाई मेलासागर और चाचा भोलानाथ को बताई। इसके बाद चारों ने मिलकर संदीप को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
पुलिस ने इस मामले में भोलानाथ पनिका, मेलासागर पनिका, पूजा पनिका और मुन्नी देवी पनिका को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई लाठी, कुल्हाड़ी, बिजली का तार और मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। चारों आरोपियों को 7 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है।

