रायबरेली में गहराया LPG संकट, गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें, घंटों इंतजार को मजबूर उपभोक्ता

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के Raebareli में इन दिनों रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के गोरा बाजार स्थित कुमार गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग खाली सिलेंडर लेकर घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोगों को रिफिल नहीं मिल पा रहा है।

बताया जा रहा है कि यह समस्या सिर्फ रायबरेली तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे Sitapur, Lakhimpur Kheri और Noida में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है, जहां गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है।

इस संकट की एक बड़ी वजह मध्य पूर्व में जारी तनाव को बताया जा रहा है। Strait of Hormuz के प्रभावित होने के कारण एलपीजी के आयात में देरी हुई है, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है, जिसमें मध्य पूर्व का योगदान लगभग 85 से 90 प्रतिशत तक बताया जाता है।

स्थिति को देखते हुए लोगों में घबराहट भी बढ़ गई है और कई उपभोक्ता जरूरत से पहले ही सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे अचानक मांग बढ़ गई है। सरकार ने हालात को संभालने के लिए कुछ कदम भी उठाए हैं। रिफाइनरियों को अधिक एलपीजी उत्पादन करने के निर्देश दिए गए हैं और जमाखोरी रोकने के लिए सिलेंडर रिफिल का न्यूनतम वेटिंग पीरियड 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

इसके साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर करीब 115 रुपये महंगे हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि देश में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसी प्रकार की वास्तविक कमी नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर ज्यादा खरीदारी के कारण अस्थायी दबाव बन गया है।

वहीं आम लोगों का कहना है कि इस स्थिति के कारण रोजमर्रा की रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। कई महिलाएं और परिवार सुबह से शाम तक गैस एजेंसी के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कुछ जगहों पर तो ब्लैक मार्केट में एलपीजी सिलेंडर 1500 रुपये तक में बिकने की भी खबरें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

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