लखनऊ. Yogi Adityanath शनिवार को Kaithal पहुंचे, जहां उन्होंने चेला बाबा गणेशनाथ के आठवें मेले में हिस्सा लिया। इस दौरान वे प्राचीन Baba Mukutnath Math भी पहुंचे, जिसका इतिहास करीब 1700 साल पुराना बताया जाता है। माना जाता है कि बाबा मुकुटनाथ ने यहीं से गद्दी की शुरुआत की थी और धर्मनाथ पंथ की सभी गद्दियों की परंपरा यहीं से शुरू हुई।
सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातनी संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत अपने से बड़ों का सम्मान करना है। यही हमारी पहचान और हमारी शक्ति है। उन्होंने कहा कि सनातन का ध्वज हमेशा लहराता रहेगा और इतिहास में ऐसा समय भी आया जब महान विजेता माने जाने वाले सिकंदर को भी इसके सामने नतमस्तक होना पड़ा था।
उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म में गुरु और शिष्य की परंपरा बेहद महान और पवित्र मानी जाती है। यह परंपरा ही समाज को सही दिशा दिखाती है। योगी ने लोगों से धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज को धर्म विरोधी ताकतों से सावधान रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान Shri Ram को भारत की संस्कृति और पहचान का प्रतीक बताते हुए कहा कि देश के धर्मस्थल केवल पूजा के स्थान नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना और एकता के केंद्र भी होते हैं। यहां हर सनातनी को बिना किसी भेदभाव के अपनी आस्था व्यक्त करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि जब देश कमजोर हुआ तो विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारे धर्मस्थलों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन आज भारत एक स्वतंत्र और सशक्त राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि यह नया भारत है, जहां अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है और देश तेजी से दुनिया की बड़ी ताकत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

