वोट मांगने गए प्रत्याशी को मतदाताओं ने सुनाई खरी-खरी, पोखमा गांव में गूंजे सवाल, जनता ने लिया हिसाब, विकास के वादों पर घिरे एनडीए उम्मीदवार?

बिहार चुनाव का माहौल अब धीरे-धीरे गरमाने लगा है, और इसी बीच जहानाबाद जिले के रतनी फरीदपुर प्रखंड के पोखमा गांव से एक बड़ा राजनीतिक नज़ारा सामने आया। एनडीए उम्मीदवार और पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी जब बुधवार को अपने प्रचार अभियान के तहत वोट मांगने गांव पहुंचे, तो वहां का माहौल अचानक बदल गया। जैसे ही वे गांव के लोगों से मिलने पहुंचे, ग्रामीणों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और उनके पिछले कार्यकाल का खुला हिसाब मांगना शुरू कर दिया।

गांव के लोगों ने बेबाकी से कहा कि हर बार चुनाव के वक्त नेता सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद उन वादों की याद तक नहीं रहती। पोखमा के लोगों ने बताया कि आज भी गांव की सड़कों की हालत खस्ता है, नाली की व्यवस्था बदहाल है, स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं और स्कूलों में शिक्षक तक नहीं हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि इस बार वोट केवल वादों पर नहीं, बल्कि काम के आधार पर दिया जाएगा।

हालांकि, चंद्रवंशी ने इस विरोध के बीच संयम बनाए रखा और सबकी बातें ध्यान से सुनीं। उन्होंने कहा कि सांसद रहते हुए उन्होंने कई विकास योजनाओं की शुरुआत की थी, जिनका असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगा है। उनका कहना था कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और आने वाले समय में उसके बेहतर नतीजे सामने आएंगे।

उन्होंने ग्रामीणों से वादा किया कि अगर जनता उन्हें एक और मौका देती है, तो वे अधूरे कार्यों को पूरा करेंगे और पोखमा गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ देंगे।

इस घटना ने न सिर्फ पोखमा गांव, बल्कि पूरे इलाके में चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। लोग अब खुलकर सवाल पूछ रहे हैं, जवाब मांग रहे हैं, और नेताओं को उनके काम के आधार पर परखने लगे हैं। यह नज़ारा साफ दिखा गया कि इस बार का चुनाव सिर्फ नारों और वादों का नहीं, बल्कि जनता के जागरूक फैसले का होगा।

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