सिंगरौली। मध्यप्रदेश के Singrauli जिले में सरकारी जमीन की हेराफेरी का मामला अब बड़ा रूप लेता जा रहा है, जहां बरगवां तहसील के गड़ेरिया और डगा गांव में वर्षों से चल रहा जमीन का खेल अब खुलने लगा है और भू कारोबारी खुद अपने ही दावों में उलझते नजर आ रहे हैं।
मामला खसरा नंबर 8 और 2157 से जुड़ा है, जहां जमीन को लेकर किए गए दावों ने ही नई मुसीबत खड़ी कर दी है, क्योंकि अगर एक जमीन को दूसरी बताई जा रही है तो फिर पास में स्थित पेट्रोल पंप की जमीन पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे अब जांच का दायरा और बड़ा होता दिख रहा है।
सूत्रों के मुताबिक इन जमीनों में से एक सरकारी है, जिसे कागजों में हेरफेर कर निजी बताया गया, लेकिन अब राजस्व विभाग की सख्ती और दस्तावेजों की जांच से पूरे मामले की परतें खुलने लगी हैं, जिससे भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन ने कई संदिग्ध जमीनों पर बेदखली के आदेश जारी कर दिए हैं और साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसी के चलते सीमांकन और रिकॉर्ड की जांच तेज कर दी गई है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल गड़ेरिया स्थित पेट्रोल पंप को लेकर भी उठ रहा है, क्योंकि अगर दावे सही मान लिए जाएं तो उसकी जमीन भी विवाद में आ सकती है, जिससे आगे संचालन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
अधिकारियों ने भी माना है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हुआ है, लेकिन बेदखली के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह प्रशासन के सामने बड़ा सवाल बन गया है और अब यह मामला प्रशासन के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है।
फिलहाल हालात ऐसे हैं कि जो जाल भू-माफियाओं ने खुद बुना था, उसी में अब वे फंसते जा रहे हैं, आने वाले दिनों में सीमांकन और सख्त कार्रवाई के साथ इस पूरे भू-घोटाले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

