पटना। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक माहौल और भी गर्म होता जा रहा है। इसी बीच महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने आज शुक्रवार, 24 अक्टूबर से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की है।
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा — “हमें बिहार को नंबर वन बनाना है। अगर तेजस्वी सीएम बनेगा तो बिहार के लोग चिंता मुक्त हो जाएंगे।”
उन्होंने आत्मविश्वास से कहा — “तेजस्वी जो बोलता है, वो करता है। हमने जो-जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करेंगे। हमने कहा है कि हर परिवार के उस सदस्य को सरकारी नौकरी देंगे, जिसके घर में कोई सरकारी नौकरी नहीं है। जीविका दीदियों को लेकर भी हमने जो घोषणा की है, उसे हम लागू करेंगे।”
तेजस्वी यादव ने अपने पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा — “हमने 17 महीने में जो कहा था, वो करके दिखाया। इसलिए जनता को भरोसा रखना चाहिए कि तेजस्वी यादव जो बोलता है, वो जरूर करता है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा — “प्रधानमंत्री कहते हैं कि जंगल राज नहीं आने देंगे, लेकिन बिहार में 55 से ज़्यादा घोटाले हुए, जिनका जिक्र खुद उन्होंने अपने चुनावी मंच से किया था। आज उन घोटालों का क्या हुआ? उनकी जांच कहां तक पहुंची?”
तेजस्वी ने आगे कहा — “आज बिहार में दिनदहाड़े गोलियां चलती हैं, हत्याएं होती हैं — अगर यही ‘सुशासन’ है तो फिर जंगल राज किसे कहेंगे? प्रधानमंत्री इन सब पर चुप क्यों हैं?”
तेजस्वी यादव के इस बयान ने चुनावी माहौल में नई हलचल मचा दी है। अब देखना यह होगा कि उनके इस “बिहार को नंबर वन” वाले वादे का जनता पर कितना असर पड़ता है और भाजपा की ओर से इस बयान पर कैसी प्रतिक्रिया आती है।

