शहडोल। मध्यप्रदेश के Shahdol जिले में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है, जहां बुढ़ार जनपद पंचायत के ग्राम मलया-2 में हालात इतने खराब हैं कि करोड़ों की ‘हर घर नल-जल’ योजना जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल नजर आ रही है।
तेज धूप और 42 डिग्री तक पहुंचे तापमान के बीच गांव की महिलाएं और बुजुर्ग सिर पर बर्तन रखकर करीब 2 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं और इस संघर्ष में उनका आधा दिन सिर्फ पानी जुटाने में ही बीत जाता है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
गांव में लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई पानी की टंकी अब सिर्फ एक दिखावा बनकर रह गई है, क्योंकि न तो पाइपलाइन पूरी तरह बिछाई गई और न ही घर-घर कनेक्शन पहुंच पाया, जिससे पूरी योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को अधिकारियों के सामने उठाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
वहीं जब इस मामले में बुढ़ार जनपद के सीईओ राजीव लघाटे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जाएगी।
एक तरफ सरकार जल जीवन मिशन के तहत हर घर पानी पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं मलया-2 की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां कर रही है, जहां लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।

