नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में आदिवासी समाज का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। ‘हमारा गांव संगठन’ के नेतृत्व में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग पीपल चौक पर जुटे और फिर विशाल रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट गेट का घेराव कर दिया। भारी भीड़ और बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन में हड़कंप मच गया और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
आंदोलनकारियों ने वन विभाग के फॉरेस्ट एसडीओ अनिल विश्वकर्मा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए। आदिवासी समाज का कहना है कि वनग्रामों में रहने वाले लोगों और वनपट्टा धारकों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन पर झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं और खेती-किसानी करने वाले ग्रामीणों को उनकी ही जमीन पर परेशान किया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी आदिवासी ग्रामीणों का मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहे हैं। साथ ही बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और अवैध वन कटाई को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से आदिवासी समाज अन्याय सह रहा है, लेकिन अब चुप नहीं बैठेगा।
स्थिति को संभालने के लिए ADM और सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेने की कोशिश की, लेकिन आदिवासी संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन देने से साफ इनकार कर दिया। आंदोलनकारी आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दिए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन और धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि अब आदिवासी समाज अत्याचार और अन्याय के खिलाफ पीछे हटने वाला नहीं है।

