शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से शादी के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां दलालों ने भोले-भाले युवकों से लाखों रुपये लेकर उनकी शादी करवाई, लेकिन शादी के कुछ ही दिन बाद दुल्हनें मायके जाने का बहाना बनाकर चली गईं और फिर कभी वापस नहीं लौटीं। जब पीड़ित परिवारों को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। बताया जा रहा है कि इस मामले के तार हाल ही में सामने आए देवास शादी ठगी कांड से भी जुड़ रहे हैं।
पूरा मामला सुनेरा थाना क्षेत्र के ग्राम पनवाड़ी का बताया जा रहा है, जहां धर्मेंद्र और अर्जुन नाम के दो युवकों की शादी दलालों ने पैसे लेकर करवाई थी। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि शादी के नाम पर उनसे करीब साढ़े पांच लाख रुपये ठग लिए गए। परिवारों के पास पैसे देने के वीडियो, शादी की तस्वीरें और दस्तावेज भी मौजूद हैं। उनका कहना है कि शादी कराने वाले दलालों और महिलाओं के एक संगठित गिरोह ने उन्हें जाल में फंसाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
पहले मामले में धर्मेंद्र के पिता निर्भय सिंह ने बताया कि उनके बेटे की शादी झाबुआ निवासी ज्योति नाम की युवती से करवाई गई थी। शादी के एवज में दो लाख रुपये लिए गए और नवंबर 2025 में विवाह संबंधी दस्तावेज भी तैयार किए गए। लेकिन शादी के बाद दुल्हन केवल 15 दिन तक घर में रही और फिर दादी की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर मायके चली गई। इसके बाद वह कभी वापस नहीं लौटी।
वहीं दूसरे मामले में अर्जुन ने आरोप लगाया कि उसकी शादी रानू बाई मिश्रा नाम की महिला से कराने के लिए करीब तीन लाख रुपये लिए गए। शादी के कुछ दिन बाद महिला इंदौर जाने का कहकर घर से निकली और फिर लौटकर नहीं आई। अर्जुन का आरोप है कि महिला जाते समय मोबाइल फोन और चांदी की पायजेब भी साथ ले गई।
पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने दलालों से अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें धमकियां दी गईं और गाली-गलौज की गई। शिकायत में जिन दलालों के नाम सामने आए हैं उनमें शाजापुर निवासी नारायण पाण्डा, उज्जैन जिले की तराना तहसील का बाबू और धार निवासी सुखराम शामिल हैं। आरोप है कि सुखराम इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना है, जो लड़कियों से संपर्क कर शादी तय करवाता था और पैसों का लेन-देन भी उसी के जरिए होता था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने की कोशिश की जा रही है।

