Chhath Puja 2025: पूरा बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश-विदेश में बसे भारतीय आज श्रद्धा, आस्था और भक्ति के रंग में रंगे हैं। लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का आज तीसरा दिन है — सायंकालीन अर्घ्य का दिन। शाम होते ही नदियों, तालाबों और घाटों पर लाखों व्रती महिलाएं भगवान भास्कर की उपासना करेंगी और जल में खड़े होकर ठेकुआ, गन्ना और अन्य प्रसाद सामग्री से डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी। यह नज़ारा पूरे बिहार में भक्ति, शांति और समर्पण का प्रतीक बन चुका है।
इस शुभ अवसर पर देश के शीर्ष नेताओं ने भी देशवासियों को छठ पर्व की बधाई दी है। गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स (X) पर वीडियो साझा करते हुए लिखा — “छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं! उमंग, उत्साह और उल्लास से भरा यह महापर्व आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और समृद्धि का संचार करे। छठी मैया की कृपा सभी पर बनी रहे। जय छठी मैया!”
वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी एक्स पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा — “महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं। यह त्योहार सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का प्रतीक है और मां प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी। मेरी कामना है कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख-समृद्धि लाए और हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करे।”
आज के अर्घ्य का समय पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की षष्ठी तिथि आज 27 अक्टूबर 2025 की सुबह 6:04 बजे से शुरू होकर 28 अक्टूबर को सुबह 7:59 बजे तक रहेगी। आज सूर्य का उदय सुबह 6:30 बजे और सूर्यास्त शाम 5:40 बजे होगा। इसी समय व्रती महिलाएं भगवान सूर्य को डूबते समय पहला अर्घ्य देंगी।
छठ पूजा का महत्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व सूर्य देव को धन्यवाद देने और उनकी बहन छठी मैया की पूजा के लिए मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि छठ व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
आज की शाम बिहार, झारखंड, पूर्वी यूपी से लेकर दिल्ली और मुंबई तक घाटों पर “जय छठी मैया!” के जयकारे गूंजेंगे, और भक्त जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे — अपनी आस्था, अपने संस्कार और अपने विश्वास के साथ।

