भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। बीजेपी द्वारा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारे जाने के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है और विधायकों की शिफ्टिंग को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा, हालांकि विधायकों की शिफ्टिंग के सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और चुप्पी साधे रखी।
जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जड़ों तक भ्रष्टाचार पहुंचा दिया है। उन्होंने सरकार को “अली बाबा और 40 चोर” की संज्ञा देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है। पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ तीन काम आते हैं—भ्रष्टाचार करना, विज्ञापन देना और विरोधियों को अपशब्द कहना।
राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट को लेकर भी जीतू पटवारी ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी वास्तव में पिछड़ा वर्ग के हितों की चिंता करती, तो ओबीसी समाज से आने वाले उम्मीदवार को पहली प्राथमिकता देती। लेकिन उन्हें तीसरे नंबर पर उतारकर हार के लिए मैदान में भेजा गया है। पटवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी का यह कदम ओबीसी विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी एक तरफ पिछड़े वर्गों के अधिकारों की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण देने से भी बचती रही है। ऐसे में तीसरे उम्मीदवार के रूप में ओबीसी चेहरे को उतारना सिर्फ एक राजनीतिक दिखावा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी का यह कदम महिला विरोधी भी है, क्योंकि यह मुकाबला कांग्रेस की महिला उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ खड़ा किया गया है।
जीतू पटवारी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण और महिला आरक्षण की बात करने वाली बीजेपी का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपने सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और राज्यसभा चुनाव में भी पार्टी पूरी एकजुटता के साथ मुकाबला करेगी।
इसी बीच उन्होंने कांग्रेस विधायकों को एक पत्र लिखकर एकजुट रहने की अपील की है। पत्र में उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने सभी विधायकों से पार्टी की विचारधारा और संगठन के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया।
हालांकि, जब उनसे विधायकों की संभावित शिफ्टिंग और हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ऐसे में राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में सस्पेंस और भी बढ़ गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण किस करवट बैठते हैं और राज्यसभा की तीसरी सीट पर आखिर किसकी नैया पार लगती है।

