मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनना भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली, सभी को साथ लेकर चलने की सोच, देश की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयासों ने नए भारत के निर्माण का स्वर्णिम अध्याय लिखा है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब देश की जनता ने केवल एक नई सरकार नहीं चुनी थी, बल्कि शासन की एक नई कार्यशैली और राजनीतिक संस्कृति की उम्मीद भी जताई थी। बीते 12 वर्षों की इस यात्रा को यदि तीन शब्दों में समेटा जाए, तो वे शब्द हैं— सेवा, सुशासन और संकल्प।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए सेवा का अर्थ केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि शासन को जनता का सेवक और संरक्षक बनाना है। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान रहा है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। इससे आम नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ सरल और सहज तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया गया।
डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को संवाद में विश्वास रखने वाला नेता बताते हुए कहा कि वे देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्रियों में से हैं, जो विभिन्न वर्गों से लगातार संवाद स्थापित करते हैं। युवाओं को मार्गदर्शन देने से लेकर विद्यार्थियों के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उनका जुड़ाव प्रेरणादायक रहा है। वहीं, ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए उन्होंने देशवासियों से आत्मीय संबंध स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता निर्णायक फैसले लेने की क्षमता है। उनकी सरकार ने कठिन चुनौतियों से बचने के बजाय उनके समाधान का रास्ता चुना और विकसित भारत के संकल्प को राष्ट्रीय लक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया। यह संकल्प केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की भावना से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश ने भी विकसित प्रदेश का सपना देखा है। केन-बेतवा लिंक परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना और पीएम मित्र पार्क जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से गति मिली है। धार में पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन स्वयं प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जाना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में साइबर तहसील की व्यवस्था, भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाएं, एयरपोर्ट विस्तार और नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जैसे कदम भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त होने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल कर चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उनकी भागीदारी प्रदेश के प्रति उनके विशेष स्नेह को दर्शाती है। साथ ही, हुकुमचंद मिल के श्रमिकों को उनका बकाया अधिकार दिलाने जैसे प्रयासों को भी प्रधानमंत्री की संवेदनशील सोच से प्रेरणा मिली।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार और प्रदेश के विकास से जुड़ी अनेक योजनाओं में प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन लगातार मिलता रहा है। डॉ. मोहन यादव ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी के पुनर्विकास और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर योग तथा भारतीय परंपराओं को सम्मान दिलाने जैसे प्रयासों ने देश में सांस्कृतिक आत्मविश्वास को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल उसकी अर्थव्यवस्था या सैन्य क्षमता में नहीं, बल्कि उसके आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना में भी निहित होती है।
अपने आलेख के अंत में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को केवल योजनाओं और आंकड़ों के आधार पर नहीं आंका जा सकता। यह कालखंड सेवा, सुशासन और संकल्प के माध्यम से भारत के आत्मविश्वास, आकांक्षाओं और राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक रहा है और नए भारत की मजबूत आधारशिला के रूप में देखा जाएगा।

