Bihar Elections 2025: बिहार चुनाव 2025 की हलचल अब जोरों पर है। हर पार्टी अपने-अपने वादों का पिटारा खोल चुकी है, और इसी बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने एक ऐसा ऐलान किया है जिसने पूरे सियासी माहौल में हलचल मचा दी है।
प्रशांत किशोर ने कहा — “अगर इस बार बिहार की जनता जन सुराज पार्टी को मौका देती है, तो अब कोई भी नौजवान रोजगार के लिए दिल्ली, मुंबई या सूरत जाने को मजबूर नहीं होगा। हमारी सरकार बनेगी तो बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक और स्थायी काम मिलेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि छठ पर जो लाखों लोग अपने गांव लौटे हैं, उन्हें अब मजबूरी में फिर से घर छोड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। “हम बिहार में ऐसी रोजगार प्रणाली बनाएंगे, जो न केवल नौजवानों को काम देगी बल्कि उन्हें बेहतर जीवन जीने का मौका भी देगी,” — पीके ने कहा।
“बिहार को राजनीतिक बंधुआगिरी से आज़ाद करेंगे,”
प्रशांत किशोर ने अपने बयान में कहा कि बिहार जन सुराज की जन्मभूमि है। तीन साल पहले उन्होंने संकल्प लिया था कि बिहार को राजनीतिक बंधुआगिरी से आज़ाद कराना है, और अब वक्त आ गया है कि जनता तय करे कि वह पुरानी व्यवस्था के बोझ तले दबकर रहेगी या असली बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा — “हम ऐसी राजनीति लाना चाहते हैं जिसमें जनता किसी नेता या दल की गुलाम न बने, बल्कि खुद अपनी ताकत बने।”
बीजेपी पर सीधा निशाना साधते हुए पीके ने कहा — “एक तरफ गुजरात में एक लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन बन रही है, और दूसरी तरफ बिहार के लोग छठ पर घर आने के लिए ट्रेन में सीट तक नहीं पा रहे। जिस राज्य ने पूरे देश को सबसे ज़्यादा मज़दूर दिए, वही आज बेरोज़गारी की राजधानी बन गया है। ये बिहार की सबसे बड़ी त्रासदी है, और जन सुराज इसे खत्म करके रहेगा।”
प्रशांत किशोर का यह बयान साफ़ कर देता है कि बेरोज़गारी और पलायन आने वाले चुनाव में उनका सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा रहने वाला है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या पीके का यह “बदलाव का वादा” बिहार की जनता के दिलों तक पहुंच पाता है या नहीं।

