पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर लालू परिवार की अंदरूनी खींचतान चर्चा में है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर खुलकर निशाना साधा है। तेजप्रताप ने कहा — “राहुल गांधी और तेजस्वी यादव दोनों पर हमारे पिता लालू यादव की छत्रछाया है। जो लोग इन्हें जननायक कह रहे हैं, उन्हें जननायक नहीं कहना चाहिए।”
तेजप्रताप ने तीखे लहजे में कहा कि “मैं तेजस्वी को तभी जननायक मानूंगा, जब वे अपने दम पर कुछ करके दिखाएंगे।” उन्होंने आगे कहा कि असली जननायक कर्पूरी ठाकुर और डॉ. लोहिया जैसे नेता हैं — जिन्होंने अपने संघर्ष और कर्म से जनता का दिल जीता।
तेजप्रताप ने दावा किया कि वे इन दिनों लगातार महुआ विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और वहां की जनता से उन्हें जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा — “मैं महुआ में एक इंजीनियरिंग कॉलेज और एक बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनवाऊंगा, जहां इंडिया-पाकिस्तान मैच भी कराया जाएगा।”
जब उनसे पूछा गया कि ‘क्या लालटेन युग अब खत्म हो गया है?’ तो तेजप्रताप ने मुस्कराते हुए जवाब दिया — “LED लाइट तो हमारी गाड़ी में भी लगी है, हम लालटेन में नहीं हैं। लालटेन युग का अंत होगा या नहीं, ये वही लोग बताएंगे। मैं अब RJD में नहीं हूं और न कभी वापस जाऊंगा।”
तेजप्रताप ने पहले भी एक इंटरव्यू में कहा था कि “RJD में लौटने से बेहतर मैं मौत पसंद करूंगा।” उन्होंने साफ किया कि वे सत्ता के भूखे नहीं हैं — उनके लिए सिद्धांत और आत्मसम्मान सबसे ऊपर हैं।
फिलहाल, तेजप्रताप यादव अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के बैनर तले चुनावी मैदान में हैं और महुआ सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। यहां उनका सीधा मुकाबला RJD के सिटिंग विधायक मुकेश कुमार से है।
बिहार की राजनीति में अब सभी की नज़र इस बात पर है कि क्या तेजप्रताप की बगावती चाल लालू परिवार की एकता को और कमजोर करेगी, या फिर यह सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी साबित होगी।

