इंदौर। इंदौर के चर्चित कमलेश कालरा विवाद मामले में भाजपा नेता और पूर्व एमआईसी सदस्य जीतू यादव को राहत मिली है। पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए गए पूरक चालान में उनका नाम शामिल नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।
यह मामला 4 जनवरी 2025 को भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर पर हुए विवाद और हंगामे से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू की थी और कई लोगों के बयान दर्ज किए थे।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले जिनसे यह साबित हो सके कि जीतू यादव घटना स्थल पर मौजूद थे या उनकी प्रत्यक्ष भूमिका थी। मामले में परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए गए।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की। पुलिस के अनुसार उपलब्ध जानकारी में जीतू यादव की लोकेशन घटना स्थल से अलग पाई गई। जांच में मिले अन्य तथ्यों को भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस ने मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण जीतू यादव का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया।
यह मामला पहले भी राजनीतिक चर्चाओं का विषय रहा था। अब पूरक चालान सामने आने के बाद एक बार फिर इस पर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल मामले से जुड़ी आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय में जारी रहेगी।

