पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले देशभर में SIR यानी Standardization of Indian Residents के दूसरे चरण को लेकर सियासत गरमा गई है। इस बीच जेडीयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने केंद्र सरकार के इस फैसले का जोरदार समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि SIR एक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, और इसे सिर्फ 12 राज्यों तक सीमित नहीं रखना चाहिए — बल्कि पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि SIR का मकसद बिल्कुल साफ है — सही और शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना, ताकि कोई भी फर्जी वोटिंग या धांधली न हो सके। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ पार्टियां इस प्रक्रिया को लेकर जनता में बेवजह भ्रम फैला रही हैं, जबकि हकीकत यह है कि SIR का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि मतदाता सूची में सिर्फ भारतीय नागरिक ही शामिल हों।
उन्होंने बिहार की राजनीति पर बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है। वहीं, महागठबंधन के पास सिर्फ “वादों और आरोपों की राजनीति” बची है। राजीव रंजन प्रसाद ने तंज कसते हुए कहा कि जनता अब वादों की नहीं, बल्कि काम की राजनीति देखना चाहती है — और नीतीश कुमार ने वह काम करके दिखाया है।
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “बिहार में वोट चोरी कहीं नहीं देखी गई — और उनका यह खेल अब किसी और राज्य में भी नहीं चलेगा।” उनका कहना था कि कांग्रेस, DMK, TMC, RJD जैसे दल और कुछ बीजेपी नेता भी पारदर्शी चुनावों से डरते हैं, क्योंकि वे हमेशा अपने राजनीतिक हित के लिए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते आए हैं।
राजीव रंजन प्रसाद ने अंत में कहा कि SIR को लेकर जो भय फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह झूठा है। यह किसी धर्म, जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं — बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने और वोटर लिस्ट को शुद्ध बनाने की एक निष्पक्ष प्रक्रिया है।

