भोपाल। अपनी जाति प्रमाण पत्र को लेकर उठे विवाद के बीच मध्यप्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने पूरे मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जिस डुगडुगी को लेकर विवाद हुआ, उससे नुकसान नहीं बल्कि उनका ही फायदा हुआ है।
दरअसल, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र की जांच के दौरान छानबीन समिति ने उनके गांव में डुगडुगी पिटवाकर लोगों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया अपनाई थी। इस कदम को लेकर पहले उन्होंने नाराजगी जताई थी, लेकिन अब उनके बयान में बदलाव देखने को मिला है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद प्रतिमा बागरी ने कहा कि डुगडुगी पिटने से पूरे क्षेत्र में उनकी चर्चा हुई और लोगों ने भी खुलकर कहा कि वह अनुसूचित जाति समाज से ही हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया से उनका प्रचार ही हुआ है।
राज्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने छानबीन समिति के सामने अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं। उनके अनुसार समिति को लगभग 100 वर्ष पुराने दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं, जो उनके दावों की पुष्टि करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ की गई शिकायत पूरी तरह झूठी साबित हुई है।
प्रतिमा बागरी ने यह भी जानकारी दी कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद अब वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात करेंगी। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद यह बैठक होने की संभावना है।
गौरतलब है कि जाति प्रमाण पत्र की जांच के दौरान गांव में डुगडुगी पिटवाने के आदेश को लेकर यह मामला काफी चर्चा में रहा था। अब मंत्री के नए बयान के बाद इस पूरे विवाद ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।

