मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। लेकिन पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। टिकट बदलने के फैसले से पार्टी के एक वर्ग में नाराजगी देखने को मिल रही है, जबकि कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है।
उम्मीदवार की घोषणा के बाद दतिया में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने दतिया-झांसी हाईवे पर चक्काजाम किया, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। प्रदर्शन कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे आशुतोष तिवारी को नहीं जानते और टिकट बदलने के फैसले से नाराज हैं।
इधर कांग्रेस ने भी भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि टिकट बदलना भाजपा की रणनीतिक मजबूरी और चुनावी चिंता को दर्शाता है। कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने दावा किया कि भाजपा ने संभावित हार के डर से उम्मीदवार बदला है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को जनता के विरोध के आगे झुकना पड़ा और दतिया की जनता इस बार नया फैसला करेगी।
वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि प्रत्याशी का चयन संगठन की प्रक्रिया के तहत किया गया है। पार्टी के प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि संसदीय बोर्ड ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद उम्मीदवार तय किया है और भाजपा दतिया उपचुनाव बड़े अंतर से जीतेगी।
उधर टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक समान हैं और उनके मार्गदर्शन में ही चुनाव लड़ा जाएगा। आशुतोष तिवारी ने विश्वास जताया कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर चुनाव लड़ेंगे और दतिया उपचुनाव में जीत हासिल करेंगे।

