दतिया। दतिया उपचुनाव को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद सियासी चर्चाएं लगातार तेज हैं। इसी बीच नरोत्तम मिश्रा का एक बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उनकी टिकट काटने की क्षमता भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी में नहीं है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी और स्तर पर लिया गया है और समय आने पर वह इस पर अपनी बात रखेंगे।
नरोत्तम मिश्रा ने अपने संबोधन के दौरान उन घटनाओं का भी जिक्र किया, जिनमें उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कार्यकर्ताओं का सम्मान उनके लिए सर्वोपरि है।
उन्होंने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान भावुक होने की वजह भी बताई। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आंदोलन के दौरान उनके एक समर्थक के सिर के पास आंसू गैस का गोला फट गया था, जिससे वह काफी व्यथित हो गए। कार्यकर्ताओं की स्थिति देखकर उनकी आंखें नम हो गई थीं।
अपने संबोधन में उन्होंने दतिया के पुलिस अधीक्षक को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वे रिश्तों और घटनाओं को लंबे समय तक याद रखते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का दौर शुरू हो गया है।
दूसरी ओर, दतिया उपचुनाव में मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। भाजपा ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने दतिया राजघराने के मुखिया और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
घनश्याम सिंह दतिया की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे दो बार विधायक रह चुके हैं और उनके परिवार का कांग्रेस से पुराना जुड़ाव रहा है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
गौरतलब है कि दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 16 जुलाई नाम वापसी की अंतिम तिथि है, जबकि 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी। अब सभी की नजरें इस हाई-प्रोफाइल चुनावी मुकाबले पर टिकी हैं।

