इंदौर। इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में करीब साढ़े तीन महीने बाद दान पेटियां कड़ी सुरक्षा के बीच खोली गई हैं। चढ़ावे की गिनती शुरू होने के बाद सिर्फ दो दिनों में ही 72 लाख रुपये से ज्यादा की नकद राशि सामने आ चुकी है। खास बात यह है कि दान पेटियों से नकदी के साथ चांदी की गणेश प्रतिमा, चांदी के सिक्के, स्मार्टवॉच और करीब 10 साल पहले बंद हो चुके 1000 रुपये के पुराने नोट भी मिले हैं।
खजराना गणेश मंदिर परिसर में 40 से ज्यादा दान पेटियां हैं, जिनमें से अब तक 25 से ज्यादा पेटियां खोली जा चुकी हैं। इनसे निकलने वाली राशि की गिनती लगातार जारी है और मंदिर प्रबंधन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में करीब 5 से 6 दिन का समय लग सकता है।
दान पेटियों को खोलने से लेकर नकदी की गिनती और बैंक में जमा कराने तक पूरी प्रक्रिया को कड़ी निगरानी में रखा गया है। मौके पर पांच सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं और चार सीसीटीवी कैमरों से पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। गिनती में शामिल कर्मचारियों की जांच के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है।
चढ़ावे की गिनती के लिए बैंक, कोषालय और नगर निगम के कर्मचारियों समेत करीब 25 लोगों की टीम जुटी हुई है। नकदी की गिनती के बाद उसका पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और इसके बाद राशि अधिकृत बैंक खाते में जमा कराई जा रही है।
दान पेटियों से मिली वस्तुओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। यहां चांदी की गणेश प्रतिमा के अलावा करीब 10 ग्राम वजन के चांदी के सिक्के और एक स्मार्टवॉच मिली है। वहीं करीब 10 साल पहले बंद हो चुके 1000 रुपये के पुराने नोट भी दान पेटियों से निकले हैं, जिन्हें अलग से सुरक्षित रखा जा रहा है।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद देशभर के प्रमुख मंदिरों में दान राशि की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सतर्कता बढ़ी है। ऐसे में खजराना गणेश मंदिर में भी इस बार दान पेटियों की गिनती के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता पर खास जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल 40 से ज्यादा दान पेटियों में से 25 से ज्यादा पेटियां खोली जा चुकी हैं और दो दिनों में ही 72 लाख रुपये से अधिक की नकदी गिनी जा चुकी है। अब बाकी पेटियों की गिनती पूरी होने के बाद चढ़ावे की कुल रकम कितनी पहुंचती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

