भोपाल। मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। अब सिर्फ दुकानों और डेयरियों में ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन बाजार में बिकने वाले प्रतिबंधित एनालॉग दुग्ध उत्पादों पर भी नजर रखी जाएगी।
खाद्य विभाग अब ई-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस, गोदाम और डार्क स्टोर में रखे स्टॉक की भी जांच करेगा। यानी किसी एप पर एनालॉग पनीर उपलब्ध दिखाई नहीं दे रहा है, तब भी संबंधित कंपनी के गोदाम में रखे स्टॉक की जांच की जा सकती है।
ऑनलाइन कंपनियों को दिए गए कार्रवाई के निर्देश
ब्लिंकिट, जोमैटो, जेप्टो, ऑनडोर, रिलायंस, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट और अमेजन समेत कई कंपनियों के राज्य स्तरीय प्रतिनिधियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कंपनियों से प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों का स्टोरेज, वितरण और बिक्री रोकने को कहा गया है। खाद्य विभाग अब इन कंपनियों के स्टॉक और सप्लाई नेटवर्क पर भी निगरानी रखेगा।
असली पनीर के नाम पर एनालॉग बेचने का आरोप
विभाग के सामने यह जानकारी भी आई है कि कुछ जगहों पर लेबलिंग में हेरफेर या जानकारी छिपाकर एनालॉग पनीर को असली पनीर के नाम पर बेचे जाने की आशंका है।
खाद्य विभाग के मुताबिक एनालॉग पनीर की सही पहचान और स्पष्ट लेबलिंग बेहद जरूरी है, ताकि ग्राहक को पता हो कि वह वास्तव में कौन सा उत्पाद खरीद रहा है।
अब विभाग दुकानों से लेकर डेयरियों और ऑनलाइन कंपनियों के गोदामों तक स्टॉक की जांच करेगा। साथ ही पूरे सप्लाई नेटवर्क पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि प्रतिबंधित एनालॉग पनीर की बिक्री और वितरण पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके।

