शिवपुरी में हाथ में सिरिंज लगी मिली युवक की लाश, स्मैक ओवरडोज की आशंका; नशा मुक्ति अभियान पर उठे सवाल

शिवपुरी। शिवपुरी में नशे की समस्या को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में जिले में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान 2.0 का समापन हुआ था। इस दौरान जागरूकता रैलियां, पोस्टर और कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए और नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दावे भी किए गए।

लेकिन अभियान के खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद सामने आई एक घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाथ में सिरिंज लगी मिली युवक की लाश

आजादी के पर्व के दिन सिटी कोतवाली क्षेत्र में नोहरी पेट्रोल पंप के आगे एक युवक का शव मिला। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि युवक के हाथ में सिरिंज लगी हुई थी।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती तौर पर युवक की मौत स्मैक या किसी अन्य ड्रग के ओवरडोज से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

अभियान के बाद भी नशे पर क्यों नहीं लग रहा अंकुश?

इस घटना के बाद नशा मुक्ति अभियान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि सिर्फ जागरूकता अभियान, रैलियों और पोस्टरों से क्या शहर को नशे से मुक्त किया जा सकता है?

स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे वीडियो और दावों में स्मैक की बिक्री और सेवन से जुड़े मामले लगातार चर्चा में रहे हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि नशे के खिलाफ जागरूकता के साथ-साथ स्मैक तस्करों और सप्लाई नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई जरूरी है।

पुलिस जांच में सामने आएगी मौत की असली वजह

फिलहाल पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत वास्तव में ड्रग ओवरडोज से हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है, इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।

लेकिन इस घटना ने इतना जरूर दिखा दिया है कि नशे के खिलाफ सिर्फ अभियान चलाना ही काफी नहीं, बल्कि नशे की सप्लाई पर प्रभावी रोक लगाना भी बड़ी चुनौती है।

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