नर्मदापुरम। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जब पूरा देश देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था, वहीं नर्मदापुरम के स्वतंत्रता दिवस समारोह में अव्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।
जिला मुख्य समारोह के लिए तैयार पुलिस परेड ग्राउंड में जगह-जगह कीचड़ और गंदा पानी जमा था। इसके बावजूद छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को इसी मैदान में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने के लिए उतरना पड़ा।
कीचड़ में भी बच्चों ने नहीं छोड़ा देशभक्ति का जज्बा
मैदान की बदहाल स्थिति के बीच बच्चों ने हाथों में तिरंगा थामकर अपनी प्रस्तुतियां दीं। कई बच्चे कीचड़ और गंदे पानी के बीच फिसलते नजर आए, लेकिन इसके बावजूद उनका उत्साह कम नहीं हुआ।
बच्चों के चेहरे पर देशभक्ति का जोश था। उन्हें न कपड़े खराब होने की चिंता थी और न ही कीचड़ में गिरने का डर। उनकी प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।
लेकिन बच्चों के इस जज्बे के बीच सवाल प्रशासन से है। जब स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े आयोजन के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो बच्चों के लिए एक साफ और सुरक्षित मैदान की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
कार्यक्रम में मौजूद थे मंत्री विश्वास सारंग
इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। समारोह के दौरान उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियां देखीं और उनका उत्साहवर्धन भी किया।
लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब मीडिया ने मैदान की बदहाल स्थिति और बच्चों को हुई परेशानी को लेकर सवाल किए, तो मंत्री विश्वास सारंग सवालों से बचते और उन्हें टालते नजर आए।
सवाल प्रशासन से, जवाबदेही किसकी?
सवाल यह है कि अगर समारोह स्थल की व्यवस्था पहले से खराब थी, तो इसे ठीक कराने की जिम्मेदारी किसकी थी? और अगर प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही हुई, तो इसकी जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई?
मासूम बच्चों ने कीचड़ और गंदे पानी के बीच भी तिरंगे के सम्मान में अपनी प्रस्तुति देकर देशभक्ति का जज्बा दिखा दिया। लेकिन स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में उन्हें साफ और सुरक्षित मैदान तक उपलब्ध न करा पाना निश्चित तौर पर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

