इंदौर। सागर के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पूरे मध्य प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच इंदौर में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का दावा किया है। विभाग के मुताबिक, 1 अप्रैल से अब तक करीब 4 करोड़ रुपये कीमत की शराब जब्त की जा चुकी है और 100 से ज्यादा वाहनों को कार्रवाई के दायरे में लिया गया है। इतना ही नहीं, जून महीने में अवैध शराब तैयार करने वाली एक फैक्ट्री पकड़े जाने का भी दावा किया गया है।
अब तीन दिन की कार्रवाई का आंकड़ा भी सामने आया है। असिस्टेंट कमिश्नर आबकारी अभिषेक तिवारी के मुताबिक, 6, 7 और 8 सितंबर को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान करीब 109 प्रकरण दर्ज किए गए और लगभग 400 लीटर शराब जब्त की गई। यानी सिर्फ तीन दिनों में ही अवैध शराब से जुड़े मामलों की बड़ी संख्या सामने आई है।
आबकारी विभाग के अनुसार, पिछले करीब छह महीनों में 4 करोड़ रुपये की शराब जब्त की गई है और 100 से ज्यादा वाहनों पर कार्रवाई की गई है। जून में एक ऐसी फैक्ट्री भी पकड़े जाने की जानकारी दी गई, जहां कथित तौर पर अवैध शराब तैयार की जा रही थी।
लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये आंकड़े आबकारी विभाग की बढ़ी हुई सक्रियता दिखाते हैं या फिर इंदौर में अवैध शराब के नेटवर्क की गहराई भी सामने ला रहे हैं।
विभाग ने अब सिर्फ शराब पकड़ने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने की बात कही है। पूरे जिले में 12 टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। खास तौर पर दूसरे जिलों से इंदौर को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों और टोल नाकों पर निगरानी बढ़ाई गई है। बेटमा, बायपास, पिगडंबर और सांवेर जैसे मार्गों पर 24 घंटे निगरानी और कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को उन स्थानों की लिस्टिंग करने के निर्देश भी दिए हैं, जहां अवैध शराब के निर्माण या परिवहन की आशंका है। इसके अलावा अवैध शराब के कारोबार से जुड़े कथित माफिया और सक्रिय नेटवर्क को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यानी अब फोकस सिर्फ सड़क पर शराब ले जा रहे व्यक्ति को पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगा। आबकारी विभाग का दावा है कि शराब कहां बन रही है, कहां से आ रही है और किस नेटवर्क के जरिए इसकी बिक्री और सप्लाई हो रही है, इस पूरी चेन तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
दरअसल, सागर के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार पर भी दबाव बढ़ा है। इस मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसे में इंदौर में आबकारी विभाग की बढ़ी हुई सक्रियता को इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
हाल ही में इंदौर में आबकारी विभाग के एक बड़े ऑपरेशन में 470 पेटी और करीब 4,151 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। विभाग का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और आने वाले दिनों में इसके निर्माण, परिवहन और बिक्री से जुड़े ठिकानों पर और बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
अब देखना होगा कि इंदौर आबकारी विभाग की यह कार्रवाई सिर्फ शराब जब्ती और प्रकरण दर्ज करने तक सीमित रहती है या फिर अवैध शराब के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर उसके बड़े खिलाड़ियों पर भी शिकंजा कसा जाता है।

