इंदौर। इंदौर की सियासत से बड़ी खबर सामने आई है। विवादों के चलते पार्टी से निष्कासित किए गए पार्षद जीतू यादव की एक बार फिर मेयर इन काउंसिल यानी MIC में वापसी हो गई है। उन्हें दोबारा विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभार सौंपा गया है। विदेश दौरे पर रवाना होने से ठीक पहले महापौर ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
दरअसल, पार्षद जीतू यादव का अपनी ही पार्टी के पार्षद कमलेश कालरा के बेटे से जुड़े एक गंभीर विवाद के बाद राजनीतिक भविष्य संकट में पड़ गया था। आरोप था कि जीतू यादव के समर्थकों ने कमलेश कालरा के बेटे को नग्न कर उसका वीडियो वायरल किया था। मामले में जूनी इंदौर थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इसके बाद पार्टी ने कार्रवाई करते हुए जीतू यादव को छह साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। इसके चलते उन्हें MIC के पद और विभाग से भी हाथ धोना पड़ा था।
हालांकि, कुछ दिन पहले ही स्थानीय दिग्गज नेताओं की पहल के बाद जीतू यादव की पार्टी में दोबारा घर वापसी कराई गई। विधायक रमेश मेंदोला, विधायक गोलू शुक्ला और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा की पहल के बाद पार्टी में उनकी वापसी हुई थी। अब पार्टी में वापसी के बाद उन्हें उनका पुराना MIC प्रभार भी वापस मिल गया है।
जीतू यादव को विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। ऐसे में इंदौर की सियासत में एक बार फिर जीतू यादव की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अब देखना होगा कि MIC में उनकी वापसी के बाद शहर की राजनीति में इसका क्या असर देखने को मिलता है।

