नालंदा की धरती पर आज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का जबरदस्त जलवा देखने को मिला। अस्थावां विधानसभा क्षेत्र के बिंद में हुई उनकी चुनावी जनसभा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा मैदान गूंज उठा— “सरकार बदलनी है, इस बार तेजस्वी सरकार बनानी है” के नारों से। मंच पर पहुंचते ही तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर तीखा प्रहार किया और जनता से बदलाव की हुंकार भरवाई।
तेजस्वी ने कहा— बिहार में बीस साल से एक ही सरकार है, लेकिन जनता को मिला क्या? बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार। थानों में बिना घूस के कोई काम नहीं होता, और दाखिल-खारिज में लूट का बाजार गर्म है। उन्होंने कहा, जनता अब थक चुकी है और बिहार को एक नई दिशा, एक नया नेतृत्व चाहिए। तेजस्वी बोले— “उम्र भले कच्ची है, लेकिन जुबान पक्की है… जो कहा है, वो करके दिखाएंगे।”
उन्होंने नीतीश सरकार को “नकलची सरकार” बताया और कहा कि ये सिर्फ घोषणाओं में माहिर हैं, जमीन पर काम कुछ नहीं हुआ। इस दौरान तेजस्वी यादव ने अपनी महत्वाकांक्षी माई-बहन मान योजना का जिक्र दोहराया और वादा किया कि राजद की सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने ढाई हजार रुपये, यानी सालाना तीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा— “बिहार की सरकार अब बिहारियों की नहीं रही… उसे बाहरी लोग चला रहे हैं। नीतीश कुमार अब पूरी तरह हाईजैक हो चुके हैं।” उन्होंने जनता से सीधी अपील की— “अब नीतीश-मोदी नहीं, अपने बेटे तेजस्वी को मौका दीजिए… बीस साल में जो नहीं हुआ, वो मैं बीस महीने में करके दिखा दूंगा।”
नालंदा की ये सभा सिर्फ एक जनसभा नहीं थी, बल्कि बिहार की राजनीति में बदलाव का बिगुल बनकर गूंजी — और भीड़ के नारों ने साफ कर दिया कि बिहार की हवा अब तेजी से “तेजस्वी सरकार” की ओर बह रही है।

