इंदौर। इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले सियासत और तेज हो गई है। शहर में लगाए गए ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टरों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकतंत्र का स्तर गिरा दिया है और कार्यक्रम से पहले पूरे शहर में ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर लगाए गए हैं।
चिंटू चौकसे ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने और जनता के बीच जाने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने कार्यों से लगातार यह साबित करती रही है कि उसका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है।
चौकसे ने कहा कि ‘झूठ की गूंज’ की शुरुआत अच्छे दिन लाने और हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये पहुंचाने जैसे वादों से हुई थी। उनका आरोप है कि भोपाल से लेकर दिल्ली तक भाजपा की सरकारें लगातार ऐसे ही झूठ बोल रही हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि छात्र और युवा अब सरकार के इन दावों को समझ चुके हैं और अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस जब छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर उनके साथ खड़ी हो रही है, तो भाजपा परेशान है।
चौकसे ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के आयोजन में जितनी बाधाएं पैदा की जा सकती थीं, उतनी जिला प्रशासन, नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण और पुलिस के जरिए पैदा की गईं। उन्होंने कहा कि तमाम अड़चनों के बावजूद कांग्रेस कार्यक्रम कर रही है, तो अब शहर में ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर लगाए जा रहे हैं।
इधर, कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया को जब इन पोस्टरों की जानकारी मिली, तो उन्होंने अपने साथियों के साथ कई जगह पहुंचकर पोस्टर हटाना शुरू कर दिया। कांग्रेस का आरोप है कि ये पोस्टर अवैध तरीके से लगाए गए थे।
राजू भदौरिया ने सवाल उठाया कि अगर पूरे शहर में रातों-रात इस तरह के पोस्टर लगाए गए, तो इंदौर नगर निगम के अधिकारी और उनकी टीम आखिर कहां थी।
फिलहाल ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले इंदौर में पोस्टर पॉलिटिक्स ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। एक तरफ कांग्रेस राहुल गांधी के कार्यक्रम को युवाओं की आवाज बता रही है, तो दूसरी तरफ ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टरों को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

