इंदौर। इंदौर में सड़कों के धंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर में छोटे-बड़े गड्ढों से परेशान वाहन चालकों के सामने अब एक और बड़ा खतरा खड़ा हो गया। ताजा मामला वार्ड क्रमांक 59 के पंढरीनाथ चौराहे का है, जहां मुख्य सड़क अचानक धंस गई और करीब 10 से 15 फीट गहरा और चौड़ा गड्ढा बन गया।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले इसी जगह पर सड़क पर एक छोटा सा गड्ढा दिखाई दिया था। स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, देखते ही देखते यह गड्ढा बढ़ता गया और सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। गनीमत रही कि जिस समय सड़क धंसी, उस वक्त कोई वाहन या व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कई साल पहले इस स्थान पर नगर निगम की ओर से पेयजल या सीवर की पाइपलाइन डाली गई थी। दुकानदारों के मुताबिक, पाइपलाइन डालने के बाद सड़क के नीचे पर्याप्त मजबूती से भराव नहीं किया गया, जिसके कारण जमीन धीरे-धीरे अंदर से खोखली होती चली गई और आखिरकार सड़क धंस गई।
सड़क पर इतना बड़ा गड्ढा दिखाई देने के बाद आसपास के दुकानदारों ने तत्काल नगर निगम प्रशासन को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने पर निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और गड्ढे में रेती और मिट्टी भरवाकर उसे अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते दुकानदारों की नजर इस गड्ढे पर पड़ गई और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन जिस तरह मुख्य मार्ग पर अचानक इतना गहरा गड्ढा बन गया, उसने सड़क की गुणवत्ता और उसके नीचे मौजूद पुरानी पाइपलाइन की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदौर में इससे पहले भी अलग-अलग इलाकों में सड़क धंसने और बड़े गड्ढे होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में पंढरीनाथ चौराहे की यह घटना एक बार फिर नगर निगम की सड़क निर्माण और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ रेती-मिट्टी डालकर गड्ढा बंद कर देना पर्याप्त है, या फिर सड़क के नीचे की जमीन और पुरानी पाइपलाइन की भी तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान किया जाएगा। क्योंकि अगर अंदर से खोखली सड़क को सिर्फ ऊपर से भर दिया गया, तो अगली बार यह गड्ढा और भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।

