गुना । गुना की राजनीति में पूर्व IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ दर्ज FIR के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में FIR दर्ज होने के बाद उनकी पत्नी और चाचौड़ा की पूर्व बीजेपी विधायक ममता मीना ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर सीधे निशाना साधा है। ममता मीना ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव और द्वेष का नतीजा बताया। हालांकि, ये उनके आरोप हैं और मामले की जांच अभी जारी है।
ममता मीना ने अपने वीडियो में बिना नाम लिए सिंधिया पर हमला करते हुए कहा कि जिस तरह रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वाभिमान की लड़ाई लड़ी थी, उसी तरह वे भी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि अगर उनके और उनके पति के खिलाफ दो-चार और केस दर्ज करा दिए जाएं, तब भी वे डरने वाली नहीं हैं और कानून की लड़ाई अदालत में लड़ेंगी।
उन्होंने सिंधिया के गुना दौरे को लेकर भी आरोप लगाए। ममता मीना का कहना है कि अधिकारियों, कलेक्टर और एसपी पर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटी-छोटी विकास योजनाओं के लिए जनता और जनप्रतिनिधियों से हाथ जोड़वाना और रौब दिखाना कब तक चलेगा।
ममता मीना ने चुनाव के दौरान जनता के बीच पहुंचने और गरीबों के घर खाना खाने जैसे राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने किसानों की खाद की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि अगर खुद को किसानों और गरीबों का हितैषी बताया जाता है, तो किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए काम क्यों नहीं किया जाता।
अपने बयान में उन्होंने पूर्व सांसद केपी यादव की जीत का भी जिक्र किया और कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता ने चुनाव में सिंधिया को हराकर अपनी ताकत दिखाई थी। इसके बाद ममता मीना ने 2029 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव ज्यादा दूर नहीं है और जनता समय आने पर जवाब देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वे अब ग्वालियर, पोहरी, शिवपुरी सहित पूरे क्षेत्र में जाकर जनता के सामने अपनी बात रखेंगी। यानी पति के खिलाफ दर्ज FIR के बाद ममता मीना ने अपने पुराने राजनीतिक विरोध को फिर खुलकर सामने ला दिया है।
अब बात उस FIR की, जिसने इस पूरे विवाद को जन्म दिया है। पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में FIR दर्ज की है। मामला 1984 में विदिशा जिले से जारी किए गए ST प्रमाण पत्र से जुड़ा है, जिसे शासन स्तर की उच्च स्तरीय छानबीन समिति की जांच में अमान्य घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस सेवा में आने से पहले रघुवीर सिंह मीना शिक्षक के रूप में OBC वर्ग का उल्लेख करते थे और बाद में ST प्रमाण पत्र के आधार पर MPPSC में आरक्षण का लाभ लेने और 1986 में DSP पद पर चयन से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। वर्ष 2002 में उन्हें IPS अवॉर्ड मिलने की भी रिपोर्ट है। इन आरोपों और दस्तावेजों की वैधता पर अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस मामले में धोखाधड़ी, साजिश, गलत दस्तावेज तैयार करने और SC-ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
एक तरफ रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ कानूनी जांच आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ उनकी पत्नी ममता मीना के बयान ने गुना से लेकर ग्वालियर-चंबल तक सियासी हलचल बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि इस मामले में जांच आगे क्या रुख लेती है और ममता मीना के आरोपों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया या बीजेपी की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

