भोपाल। भोपाल में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आज जनजाति गौरव दिवस को लेकर एक बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस बार जनजाति गौरव दिवस को प्रदेशभर में भव्य और ऐतिहासिक स्तर पर मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर जिले में विशेष कार्यक्रम होंगे, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में बड़े आयोजन किए जाएंगे।
सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि “राजनीति और नादानी के कारण कुछ लोग बीच में व्यवधान खड़े करते हैं, लेकिन हमें अपनी परंपराओं पर गर्व है। रानी दुर्गावती का बलिदान भारत के इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने अकबर की सेना से वीरता से युद्ध किया और देश की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए। उनके सम्मान में हमने कैबिनेट बैठक आयोजित की और उनके इतिहास को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया है। टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय खोलकर हमने आदिवासी शौर्य को नई पहचान दी है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी और जनजातीय समाज के गौरव को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने विशेष योजनाओं की रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने बताया कि मुख्य कार्यक्रम जबलपुर में होगा, जबकि दूसरा बड़ा आयोजन अलीराजपुर में आयोजित किया जाएगा।
डॉ. यादव ने कहा कि “हमने भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा दिया है ताकि जनजातीय संस्कृति को पूरे देश में सम्मान मिल सके। जब मैं उच्च शिक्षा मंत्री था, तब रानी लक्ष्मीबाई और रानी दुर्गावती दोनों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया था, और अब उनकी वीरता को नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा दायित्व है।”
उन्होंने आगे बताया कि 12 नवंबर को सिवनी जिले से लाडली बहना योजना की राशि ट्रांसफर कर नारी सशक्तिकरण के इस उत्सव की शुरुआत की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारा लक्ष्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को उसके गौरव और अधिकार से जोड़ना है।”
बैठक में तय किया गया कि जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनसभाएं और समाज के महान वीरों के सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा ले सकें।

