बॉलीवुड से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। हिंदी सिनेमा के ही-मैन कहे जाने वाले महान अभिनेता धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि उन्हें कुछ दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। धर्मेंद्र के निधन की खबर सुनते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है, फैन्स और सेलेब्रिटीज़ उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के नसराली गांव में हुआ था, और वे अगले महीने अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे। इससे पहले, 31 अक्टूबर को भी उन्हें इसी वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देओल परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, धर्मेंद्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी बेटियों को विदेश से मुंबई बुलाया गया था। अस्पताल के बाहर सनी देओल और बॉबी देओल बेहद भावुक नजर आए, वहीं बॉलीवुड के कई सितारे जैसे शाहरुख खान, सलमान खान और अन्य सेलेब्स भी देर रात अस्पताल पहुंचे।
धर्मेंद्र पिछले कुछ वर्षों से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। इसी साल की शुरुआत में उनकी कॉर्निया ट्रांसप्लांट सर्जरी हुई थी, जब उनकी आंख की पारदर्शी परत खराब हो गई थी। इसके अलावा, 2015 से 2020 के बीच उन्हें पीठ दर्द और कमजोरी जैसी दिक्कतों के चलते कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
बात करें धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म की, तो वे जल्द रिलीज होने वाली फिल्म ‘इक्कीस’ में नजर आने वाले हैं। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान युद्ध के हीरो अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है। इसमें अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा मुख्य भूमिका में हैं, जबकि धर्मेंद्र उनके पिता एम.एल. खेत्रपाल का किरदार निभा रहे हैं।
पंजाब में जन्मे धर्मेंद्र का असली नाम धरम सिंह देओल था। उनके पिता स्कूल में हेडमास्टर थे। बचपन से ही फिल्मों के प्रति उनका जुनून इतना गहरा था कि उन्होंने एक बार सुरैया की फिल्म ‘दिल्लगी’ लगातार 40 दिनों तक देखी थी। कहा जाता है कि उसी फिल्म ने उनके दिल में एक्टर बनने की चिंगारी जलाई थी। इसके बाद जब उन्हें पता चला कि फिल्मफेयर पत्रिका नई प्रतिभाओं की खोज कर रही है, तो उन्होंने अपना नाम भेजा — और वहीं से शुरू हुआ उनका सुनहरा सफर, जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा का ही-मैन बना दिया।
धर्मेंद्र ने अपनी दमदार अदाकारी, स्टाइल और सादगी से करोड़ों दिलों में जगह बनाई। आज उनका जाना पूरे देश के लिए एक युग के अंत जैसा है। धर्मेंद्र अमर रहेंगे — अपनी फिल्मों में, अपनी मुस्कान में, और उन यादों में जो हमेशा ज़िंदा रहेंगी।

