भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगर काम करने की भावना पवित्र हो, तो ईश्वर भी साथ देता है। 11 नवंबर को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित त्रिस्तरीय सरपंच संयुक्त मोर्चा महासम्मेलन में उन्होंने यह बात कही। इस दौरान उन्होंने सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में सरपंचों के पास इतनी शक्तियां हैं, जो सांसदों और विधायकों के पास भी नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि सरपंच ही अपनी पंचायत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं और उनके भरोसे ही प्रदेश में विकास का कारवां आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 से 26 नवंबर तक भोपाल में पंचायत प्रतिनिधियों की बड़ी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें पंचायतों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि निकायों से जुड़ी पंचायतों में ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक अनुमतियां समय पर मिलती रहें। अगर नीयत साफ है और काम करने की भावना सच्ची है, तो ईश्वर भी मदद करता है। इसी मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए 50-50 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने अब तक 2472 अटल पंचायत भवन, 1037 सामुदायिक भवन, 106 जनपद पंचायत भवन और 5 जिला पंचायत भवन स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों में शांतिधाम के निर्माण में जिला प्रशासन सरपंचों की पूरी सहायता करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2026 राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण वर्ष होगा, क्योंकि सरकार 2026 को कृषि वर्ष घोषित करने जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार आधारित उद्योगों की स्थापना की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। कृषि उत्पादों से जुड़े उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा रही हैं ताकि किसान को अपनी फसल का पूरा मूल्य मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पंचायतों के माध्यम से लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और रोजगार आधारित इकाइयां स्थापित करने पर जोर दे रही है। राज्य में सब्जी और अन्य फसलों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट खोली जा रही हैं। युवाओं को उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि गांवों में ही रोजगार के अवसर पैदा हों। उन्होंने कहा कि किसानों को अब अपनी फसल फेंकने की नौबत नहीं आएगी, सरकार उन्हें हर फसल का उचित दाम दिलाने के लिए काम कर रही है।
डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि भगवान श्रीराम से जुड़े सभी ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी जुटाएं, ताकि उन्हें श्रीराम वनगमन पथ में शामिल किया जा सके। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को भी राज्य सरकार तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि पंचायतें शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और उद्योग के साथ-साथ गोपालन और पशुपालन को भी प्राथमिकता दें। हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंचायतों को 25 लाख तक के कार्यों का अधिकार दिया जा रहा है, और अगर किसी सचिव या सहायक सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही दिखाई, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने मंच से कहा कि सरकार की हर योजना जनता के हित के लिए है, और जो काम नहीं करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और कहा कि यह अत्यंत कष्टदायक घटना है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत सरकार आतंकवाद और नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत है कि जो भी देश के खिलाफ साजिश करेगा, उसे कभी छोड़ा नहीं जाएगा।

