भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में अब बड़ा फेरबदल होने वाला है। खबर है कि बिहार चुनाव खत्म होते ही एमपी में राजनीतिक नियुक्तियों की शुरुआत हो जाएगी। बीजेपी के “एक व्यक्ति, एक पद” फॉर्मूले को आखिरकार केंद्रीय संगठन की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसके बाद अब निगम-मंडल और प्राधिकरणों की सूची तैयार हो चुकी है, जिसमें कई बड़े नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली जाकर इस पूरी प्रक्रिया पर चर्चा कर चुके हैं। बिहार चुनाव परिणामों के बाद इस लिस्ट पर केंद्र की मुहर लग सकती है। इन नियुक्तियों में सत्ता, संगठन, क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है ताकि किसी वर्ग की उपेक्षा न हो।
सबसे ज़्यादा चर्चा जिन नामों की है, उनमें शामिल हैं पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, रामनिवास रावत और इमरती देवी। बताया जा रहा है कि इन तीनों के नाम लगभग फाइनल माने जा रहे हैं। वहीं, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और अंचल सोनकर के नामों पर भी चर्चा है, लेकिन इन पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
इसके अलावा कई पूर्व विधायक और संगठन के दिग्गज कार्यकर्ता भी रेस में हैं। ध्रुवनारायण सिंह, संजय शुक्ला, अलकेश आर्य, कलसिंह भाबर, आशुतोष तिवारी, विजय दुबे, केशव भदौरिया, विनोद गोटिया, गौरव सिरोठिया, श्याम सुंदर शर्मा, संजय नगाइच, शैतान सिंह पाल और सुनील पांडे जैसे नाम भी संभावित लिस्ट में शामिल बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि फरवरी 2024 में राज्य के सभी 46 निगम और मंडल की राजनीतिक नियुक्तियाँ रद्द कर दी गई थीं, जिसके बाद से ही संगठन के कई नेता नए अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब माना जा रहा है कि बिहार चुनाव के बाद मध्य प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर एक बार फिर से बदलने जा रही है।
कुल मिलाकर, एमपी बीजेपी संगठन के भीतर अब नई ऊर्जा और नई टीम तैयार करने की कवायद शुरू हो चुकी है — और जल्द ही यह तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

