बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आते ही कांग्रेस ने अपनी हार का ठीकरा एक बार फिर SIR और EVM पर फोड़ दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा—“जो मेरा शक था, वही हुआ।” उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
दिग्विजय सिंह ने लिखा कि करीब 62 लाख वोट कटे, 20 लाख नए जुड़े और उनमें से 5 लाख वोट बिना SIR फॉर्म भरे ही बढ़ा दिए गए। उनका आरोप है कि सबसे ज्यादा वोट गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के कटे हैं। उन्होंने दावा किया कि EVM पर शंका अभी भी जस की तस बनी हुई है।
इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस आलाकमान को भी एक सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब अपने संगठन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि आज का चुनाव जनसभा और रैलियों से नहीं, बल्कि बूथ स्तर के सघन जनसंपर्क से जीता जाता है। अंत में उन्होंने सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
बयान के बाद माहौल गर्म है, और चुनावी चर्चा अब सिर्फ नतीजों तक सीमित नहीं रही—बल्कि SIR, वोट कटने और EVM की विश्वसनीयता पर भी सवालों का दौर फिर से शुरू हो गया है।

