उज्जैन। Son Threw Out Parents: मध्य प्रदेश के माकड़ौन क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक बुज़ुर्ग दंपत्ति अपने ही बेटों और बहुओं की हैवानियत का शिकार बन गया। जनसुनवाई में पहुंचे बुज़ुर्ग ने रोते हुए बताया कि उनके बेटे न सिर्फ उन्हें बल्कि उनकी लकवाग्रस्त पत्नी को भी बेरहमी से पीटते रहे और आखिरकार दोनों को घर से निकाल दिया। हैरानी की बात यह है कि बुज़ुर्ग दंपत्ति अपनी पैतृक और कमाई हुई संपत्ति में पहले ही हिस्से दे चुके थे, लेकिन फिर भी बेटों का लालच कम नहीं हुआ।
बुज़ुर्ग ने बताया कि 29 सितंबर से वे बेघर हैं और किसी तरह रिश्तेदारों के सहारे जिंदगी काट रहे हैं। बेटों ने खर्चा भी बंद कर दिया है। अब वे थोड़ी-बहुत बची जमीन और सरकार से मिलने वाली सिर्फ 600 रुपए की पेंशन पर गुजारा कर रहे हैं। अपनी लकवाग्रस्त पत्नी को व्हीलचेयर पर बैठाकर वे प्रशासन से न्याय मांगने पहुंचे—उनकी उम्मीद बस यही है कि अब कम से कम कानून उन्हें सुरक्षा दे सके।
जनसुनवाई में मौजूद डिप्टी कलेक्टर शाश्वत शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDM को एफआईआर दर्ज करने और पीड़ितों को राहत दिलाने के निर्देश दिए। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी वरिष्ठ नागरिक के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मामले में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

