केंद्र सरकार ने किसानों को एक और राहत देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दो बड़े बदलाव कर दिए हैं। लंबे समय से किसानों की जिस मांग को लेकर आवाज उठ रही थी, उसे आखिरकार मोदी सरकार ने पूरा कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि अब जंगली जानवरों से फसल को होने वाले नुकसान और भारी बारिश के कारण बाढ़ या जलभराव से फसल खराब होने की स्थिति—दोनों को फसल बीमा योजना में शामिल कर लिया गया है। इससे देशभर के करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों की यह परेशानी सालों से बनी हुई थी, क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं से तो मुआवजा मिलता था, लेकिन जंगली जानवरों और जलभराव से होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती थी। अब प्रधानमंत्री मोदी के अनुमोदन के बाद यह बड़ी कमी दूर कर दी गई है। कृषि मंत्री ने किसानों को संदेश देते हुए कहा—प्रिय किसान भाइयों और बहनों, अब देर मत कीजिए, अपनी फसल का बीमा जल्दी से करवा लीजिए, क्योंकि अब आपका नुकसान और भी व्यापक तरीके से कवर किया जाएगा।
राज्यों की सरकारें यह तय करेंगी कि उनके इलाके में किस प्रकार के जंगली जानवरों से सबसे ज्यादा नुकसान होता है। वहीं दावा करने की प्रक्रिया को भी आसान और पारदर्शी बनाया गया है। किसान को नुकसान होने के सिर्फ 72 घंटे के भीतर फसल बीमा ऐप पर जियो-टैग फोटो अपलोड करनी होगी, जिससे दावा तेजी से निपटाया जा सके।
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद किसानों में उत्साह है, क्योंकि अब फसल सुरक्षा का दायरा और मजबूत हो गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अब उन स्थितियों को भी कवर करेगी, जो लंबे समय से किसान परिवारों के लिए चिंता का कारण बनी हुई थीं।

