रावण और कंस भी हिंदू थे’, पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा पर बोले सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज, मैकाले की शिक्षा पद्धति को बताया आतंकवाद की वजह

देशभर में तेज़ी से वायरल हो रहे बयान के बीच अब सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के हर सरकारी विभाग में गीता और रामायण की शिक्षा लागू होनी चाहिए। पुलिस ट्रेनिंग में गीता–रामायण को शामिल किए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह व्यवस्था अब मध्य प्रदेश के हर विभाग में लागू होनी चाहिए और मैं केंद्र सरकार से भी आग्रह करूँगा कि पूरे देश में इसे लागू किया जाए।

दिल्ली ब्लास्ट के सवाल पर उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधा। उनका कहना है कि देश में एक ही छत के नीचे एक जैसी शिक्षा पद्धति होनी चाहिए, क्योंकि मैकाले की शिक्षा व्यवस्था ने ही आतंकवाद को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश कानूनों को हटाकर दुबई की तरह कड़े कानून लागू किए जाने चाहिए ताकि देश का आगे कोई विखंडन न हो। चाहे कोई भी मजहब का हो, सनातन की शिक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार पूरा विश्व सनातन है और सनातन किसी एक पंथ का नाम नहीं।

इसी दौरान उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू यात्रा पर चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि हिंदू तो रावण भी था और कंस भी हिंदू था, और वो भी हिंदू राष्ट्र में ही थे। उनकी बात का सार यही था कि सनातन धर्म को किसी एक व्यक्ति या मॉडल के आधार पर नहीं मापा जा सकता। जो चीज़ प्रमाणित है, उसे स्वीकार करो, और जो भी हो—प्रामाणिक हो।

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