पटना। राजधानी की सियासत उस समय हिलकर रह गई, जब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निजी सचिव रणवीर बरियार के नाम का फर्जी इस्तेमाल कर एमएलसी नीरज कुमार को एक अभद्र और धमकी भरा पत्र भेज दिया गया। यह सिर्फ एक पत्र नहीं, बल्कि ऐसा मामला था जिसने सत्ता के गलियारों में सुरक्षा, संवेदनशीलता और राजनीतिक साजिशों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया, जब स्पीड पोस्ट के जरिए कर्नाटक के मैसूर से भेजा गया लिफाफा एमएलसी नीरज कुमार तक पहुंचा। पत्र पर रणवीर बरियार का नाम और पद छपा हुआ था, जैसे यह सीधे डिप्टी सीएम के दफ्तर से भेजा गया हो। पत्र की भाषा और इसके पीछे की मंशा इतनी संदिग्ध थी कि नीरज कुमार ने तत्काल पूरे मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी।
जैसे ही बात उपमुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची, निजी सचिव रणवीर बरियार ने तुरंत सचिवालय थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक झूठे पत्र का मामला नहीं है, बल्कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के बीच भ्रम और विवाद पैदा करने की खतरनाक कोशिश है। पुलिस अब स्पीड पोस्ट की बुकिंग डिटेल, हैंडराइटिंग और पत्र की भाषा जैसे सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती अंदाजे में शक है कि किसी विरोधी तत्व ने जानबूझकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने और उपमुख्यमंत्री कार्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। पुलिस मामले को गंभीरता से जांच रही है और जल्द ही इस साजिश का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

