डाक विभाग ने जारी किया विश्वरंग टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव पर विशेष आवरण

भोपाल: डाक विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 14वीं राज्य स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी के समापन समारोह में रविवार को विश्वरंग—टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव पर आधारित विशेष आवरण (Special Cover) का औपचारिक अनावरण किया गया। इसे डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) द्वारा जारी किया गया है। कार्यक्रम समन्वय भवन, भोपाल में आयोजित किया गया।

इस विशेष आवरण का विमोचन मध्य प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग की मुख्य उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर विश्वरंग के सह-निदेशक तथा स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, चीफ पोस्टमास्टर जनरल मध्य प्रदेश सर्किल श्री विनीत माथुर, जीएम फाइनेंस श्री शाह नवाज आलम, डायरेक्टर पोस्टल सर्विसेज श्री पवन कुमार डालमिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह विशेष आवरण विश्वरंग के सातवें संस्करण के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करता है, जो 27 से 29 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित किया जा रहा है।

इस अवसर पर विश्वरंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने कहा, “विश्वरंग का उद्देश्य भारतीय भाषाओं, साहित्य, कला और संस्कृति को वैश्विक पटल पर एक साझा मंच पर लाना है। डाक विभाग द्वारा जारी यह विशेष आवरण केवल एक स्मृति चिह्न नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने वाली ऐतिहासिक दस्तावेज़ी पहल है।”

विश्वरंग के सह-निदेशक तथा स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा,
“विश्वरंग ने वर्षों में भारतीय भाषाओं और रचनात्मक अभिव्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय संवाद का माध्यम बनाया है। इस विशेष आवरण के माध्यम से विश्वरंग की यात्रा अब फिलेटली के संग्रहणीय इतिहास का भी हिस्सा बन गई है, जो आने वाली पीढ़ियों तक इस सांस्कृतिक आंदोलन की पहचान बनाए रखेगी।”

वहीं विश्वरंग की सह निदेशक और रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा, “टैगोर के सार्वभौमिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखते हुए विश्वरंग ने कला, साहित्य और शिक्षण परिदृश्य में नए विमर्शों को जन्म दिया है। यह विशेष आवरण इस सांस्कृतिक यात्रा को राष्ट्रीय मान्यता और स्थायित्व प्रदान करता है।”

विश्वरंग 2025 का सातवां संस्करण इस वर्ष भोपाल में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के साथ आयोजित होने जा रहा है, जिसमें दुनिया के 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि कला, साहित्य, भाषा, जनजातीय संस्कृति, डिजिटल नवाचार और सिनेमा के विविध आयामों पर विचार साझा करेंगे।

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