MP में बनेगा एकेडमिक ट्रिब्यूनल, हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार और 4 हफ्ते में मांगी पूरी रिपोर्ट

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में निजी शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर अहम सुनवाई हुई, और इसी सुनवाई ने सरकार को बड़े कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि शिक्षकों की शिकायतों का समाधान ज़रूरी है और MP के हर जिले में “एकेडमिक ट्रिब्यूनल” स्थापित किए जाने पर ठोस कार्यवाही होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 4 सप्ताह के भीतर एकेडमिक ट्रिब्यूनल लागू करने की तैयारियों पर पूरी प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक प्रदेश में ट्रिब्यूनल की व्यवस्था तैयार नहीं हो जाती, तब तक अंतरिम व्यवस्था के तौर पर जिले के जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिक्षकों की अपीलें सुनेंगे। मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी 2026 को होगी।

यह याचिका निजी स्कूल और कॉलेजों के शिक्षकों ने दायर की थी और इसमें सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले टीएमए पे फाउंडेशन बनाम स्टेट ऑफ कर्नाटक 2002 का हवाला दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि हर जिले में एक एकेडमिक ट्रिब्यूनल होना चाहिए ताकि शिक्षक अपनी समस्याओं का समाधान पा सकें।

सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि 12 नवंबर 2025 को विधि विभाग ने एक SOP तैयार कर रजिस्ट्रार जनरल को भेज दी है और इसी आधार पर आगे की प्रक्रियाएं चल रही हैं। लेकिन हाईकोर्ट ने सरकार की धीमी गति पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि अब ठोस कार्रवाई ज़रूरी है और रिपोर्ट समय पर कोर्ट के सामने रखी जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *