भोपाल। यह कोई फिल्म का सीन नहीं… यह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद से निकली एक ऐसी सच्ची घटना है जिसने पूरे शहर को हिला दिया है। एक पढ़ा-लिखा हिंदू युवक, पंडित शुभम गोस्वामी… जिसका नाम, पहचान और जिंदगी—सब कुछ बदल दिया गया। आज वह रोते हुए सिर्फ एक बात कह रहा है—“मुझे मेरे घर, मेरे धर्म में वापस लौटने दो।”
कहानी शुरू होती है 2022 में। शुभम गोस्वामी प्राइवेट जॉब करता था, परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। इसी दौरान मोहल्ले की एक लड़की से उसकी मुलाकात हुई। दोस्ती बढ़ी और फिर प्यार का रंग चढ़ा, लेकिन ये प्यार नहीं था… बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। लव जिहाद की साजिश। धीरे-धीरे शुभम को जाल में फंसाया गया और फिर उसके धर्म पर हमला शुरू हुआ।
शुभम का आरोप है कि उसे अब्दुल नईम के परिवार ने अपने घर में रखा। तीन साल तक वह अमन खान बनकर जीने पर मजबूर रहा। उसे गोमांस खिलाया गया, जबरन नमाज पढ़वाई गई, कुरान की आयतें रटवाई गईं। इसके बाद उसे कर्नाटक के मैसूर ले जाकर उसका पूरा धर्म परिवर्तन करा दिया गया। जैसे ही साजिश पूरी हुई, इश्क का नकाब उतर गया और जुल्म की शुरुआत हो गई।
उसके साथ मारपीट की गई, झूठे केस लगाकर जेल तक भिजवा दिया गया। जब अत्याचार की सारी हदें पार हो गईं, तब शुभम ने मदद की गुहार लगाई। उसकी आवाज मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग तक पहुंची। उन्होंने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए और आरोपी अब्दुल नईम व उसके परिवार के खिलाफ लव जिहाद समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया।
मंत्री का कहना है कि “ऐसी जिहादी मानसिकता को खत्म करना जरूरी है। शुभम जैसे कई युवक अब भी इस अत्याचार के शिकार हैं और घर वापसी चाहते हैं। सरकार हर पीड़ित की मदद करेगी।”

शुभम की कहानी सिर्फ उसकी नहीं है… वह कहता है कि मेरे जैसे और भी कई लोग आज इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। यह घटना सवाल नहीं, चेतावनी है—कि प्यार के नाम पर रची जाने वाली ऐसी साजिशें कितनी खामोशी से एक जिंदगी को निगल जाती हैं।

