भोपाल/उज्जैन। उज्जैन में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में आज एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। मंच पर खड़े होकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी ही भावुकता से कहा—यहां कोई बड़ा या छोटा नहीं है… कोई वेटर है, कोई ड्राइवर है, लेकिन हमारे लिए हर एक दूल्हा-दुल्हन राजा और महाराजा की तरह हैं। सनातन परंपरा के अनुसार यहां हर वर्ग, हर समाज से आए नवदंपति एक समान हैं। यही हमारी नई सामाजिक व्यवस्था का असली रूप है।
सांवराखेड़ी में हुए इस विशाल सामूहिक विवाह सम्मेलन में एक अनोखी बात यह थी कि खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेटे, अभिमन्यु यादव भी 22 जोड़ों के साथ विवाह बंधन में बंधे। इस आयोजन ने समाज में समानता का एक नया अध्याय लिख दिया।
इस शुभ अवसर पर कई बड़े नेता, संत और आध्यात्मिक गुरु भी पहुंचे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, बाबा रामदेव, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी, पंडित धीरेंद्र शास्त्री, ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने इस समारोह को और खास बना दिया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इसे “सबका साथ, सबका विकास, सबका सामूहिक विवाह” वाली व्यवस्था बताया।
कुल 22 जोड़े, अलग-अलग समाजों से, एक ही मंडप में… और उनमें से एक मुख्यमंत्री का अपना बेटा—यह दृश्य न केवल भावुक कर देने वाला था, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि समाज की असली ताकत एकता, समानता और परंपरा से ही आती है।

