मधुबनी पेंटिंग वाली पीली साड़ी और मिथिला का पाग… पहली बार विधायक बनीं लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने मैथिली में ली शपथ

18वीं बिहार विधानसभा के सत्र की शुरुआत होते ही एक चेहरा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा—लोकगायिका और अब विधायक बनीं मैथिली ठाकुर। पहली बार सदन में कदम रखने वाली मैथिली ठाकुर अपने पारंपरिक मिथिला पहनावे में जैसे ही विधानसभा पहुंचीं, पूरा माहौल मानो उनकी सादगी और संस्कृति की खुशबू से भर गया। पीली मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी और सिर पर मिथिला का पाग… उनके इस पारंपरिक लुक ने हर किसी का ध्यान खींच लिया।

शपथ लेने से पहले मैथिली ने कहा—“यह मेरे जीवन का नया अध्याय है। आज शपथ के बाद मैं विधायिका बन जाऊंगी और जनता के भरोसे पर खरा उतरना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।” और फिर जब उन्होंने सदन में खड़े होकर अपनी मातृभाषा मैथिली में शपथ ली, तो पूरा सदन सम्मान में जैसे ठहर-सा गया। उनकी आवाज़ में संस्कृति की मिठास थी और शब्दों में जिम्मेदारी की गूंज।

विधानसभा परिसर में पार्टी नेताओं और विधायकों ने उन्हें दिल खोलकर बधाई दी। पहली बार सदन में कदम रखते हुए मैथिली ने कहा—“ये क्षण मेरे लिए सम्मान भी है और बड़ी जिम्मेदारी भी।”

25 साल की उम्र में दरभंगा की अलीनगर सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर वो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सबसे कम उम्र की विधायक बनी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी उनका सादगी भरा अंदाज़ लोगों को खूब पसंद आया। शुरुआत में टिकट को लेकर कुछ विरोध जरूर था, लेकिन मेहनत, लोकप्रियता और जनता के विश्वास की वजह से उन्होंने शानदार जीत दर्ज की।

मैथिली ने चुनाव के समय ही साफ कहा था कि मिथिला की संस्कृति, कला और लोक पहचान को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। और आज शपथ लेने के उनके पारंपरिक अंदाज़ ने इस सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को और मजबूत कर दिया।

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