रतलाम। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के परिवार से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पोते की पत्नी दिव्या ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और यहां तक कि घर की छत से धक्का देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दिव्या ने चार पन्नों का एक विस्तृत लिखित आवेदन रतलाम पुलिस अधीक्षक को सौंपा है, जिसमें उन्होंने पूरी कहानी दर्ज की है।
दिव्या का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल में उसके साथ दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना शुरू हो गई थी। उसने बताया कि पति देवेंद्र गहलोत, सास अनिता, ससुर और परिवार के अन्य सदस्य लगातार 50 लाख रुपये लाने का दबाव बनाते थे। रकम न मिलने पर उसके साथ मारपीट होती थी, और इसी साल जनवरी में एक विवाद के दौरान उसे घर की छत से धक्का दे दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। आवेदन में उसने इलाज, अस्पताल में भर्ती होने और मेडिकल रिपोर्ट का भी पूरा उल्लेख किया है।
2018 में मुख्यमंत्री कन्यादान समारोह में धूमधाम से हुई शादी के बाद दिव्या कई बार प्रताड़ना से तंग आकर मायके चली गई, लेकिन हर बार समझाइश देकर उसे वापस बुला लिया जाता था। दिव्या का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान भी उसे शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया गया, जिससे उसकी सेहत पर गंभीर असर पड़ा। उसने यह भी आरोप लगाया कि राज्यपाल के परिवार का प्रभाव होने के कारण उसकी शिकायत को दबाने की कोशिश की गई और उसे तथा उसके परिवार को धमकाया गया।
दूसरी ओर, दिव्या के पति देवेंद्र गहलोत ने फोन पर आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पारिवारिक विवाद बताया और इस पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। रतलाम पुलिस ने आवेदन को उज्जैन के संबंधित अधिकारियों को भेज दिया है, क्योंकि मामला वहां के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है।

