भोपाल। भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर आज बरकातुल्लाह भवन में सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जहाँ दिवंगत पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई और विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने अपने-अपने ग्रंथों का पाठ किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री भी मौजूद रहे, लेकिन त्रासदी की राजनीति से दो मंत्रियों ने साफ तौर पर दूरी बना ली। गैस पीड़ित संगठनों ने भी भारत टॉकीज अंडरब्रिज से जेपी नगर गैस मूर्ति तक रैली निकाली, जहाँ पुतला ले जाने को लेकर विवाद हुआ जिसे पुलिस ने तुरंत हटवा दिया।
जब मंत्रियों से पूछा गया कि इस त्रासदी का जिम्मेदार कौन है, तो उन्होंने प्रश्न को टाल दिया। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि 41 साल बाद भी परिवारों के दर्द और निशान आज भी जस के तस हैं, और ईश्वर से यही प्रार्थना है कि दुनिया में ऐसी कोई त्रासदी दोबारा न हो। वहीं गैस राहत मंत्री विजय शाह ने कहा कि आज आरोप-प्रत्यारोप का समय नहीं है। सरकार ने जहरीले कचरे के भय को काफी हद तक खत्म करने का काम किया है, और आज का दिन राजनीति का नहीं, बल्कि शांत मन से श्रद्धांजलि देने का है।
याद दिला दें कि 2–3 दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड की मिथाइल आइसोसाइनेट गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली थी और लाखों लोग तबाह हो गए थे। इस खौफनाक घटना के 41 साल बाद भी यह जख्म आज तक नहीं भर पाया है।

