मध्य प्रदेश के खंडवा में पिछले कुछ समय से SIMI से जुड़े आतंकियों की गिरफ्तारियाँ और संदिग्ध गतिविधियाँ सामने आने के बाद विधानसभा में सुरक्षा को लेकर बड़ा मुद्दा उठा। सत्र के तीसरे दिन भाजपा के ही विधायक और मंत्रियों ने अपनी ही सरकार से कड़े सवाल पूछे और खंडवा में तुरंत पुलिस बटालियन स्थापित करने की मांग की।
खंडवा शहर से भाजपा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने कहा कि क्षेत्र लंबे समय से सिमी और आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र रहा है, ऐसे में सशस्त्र पुलिस बटालियन बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों के दौरान हर बार तनाव और दंगे जैसी स्थिति बनती है।
इसी दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि खंडवा में बिना पुलिस सुरक्षा के त्योहार मनाना भी मुश्किल हो गया है, जो कि बेहद चिंताजनक स्थिति है। हालांकि सरकार की ओर से मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर खरगोन से मात्र एक घंटे में फोर्स भेजी जा सकती है।
मामले ने तब और तूल पकड़ा जब मंत्री विजय शाह ने साफ कहा कि खंडवा लंबे समय से गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है और यह आतंकियों की हिट लिस्ट में शामिल है, इसलिए बटालियन की मांग बिलकुल उचित है।
वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल है और जब खुद भाजपा विधायक ही बटालियन की मांग कर रहे हैं तो डीजीपी को इस्तीफा दे देना चाहिए।

